Kohramlive desk : भारत एक ऐसा देश रहा है जिसका इतिहास विविधता से भरा हुआ है। सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्त्व के स्थलों को हम विश्व धरोहर या विरासत कहते हैं। ये स्थल ऐतिहासिक और पर्यावरण के लिहाज़ से भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। इनका अंतरराष्ट्रीय महत्त्व होता है और इनके सरंक्षण हेतु विशेष प्रयास किये जाते हैं। हमारे देश में ज्यादातर शहरों, सड़कों और स्थानों के नाम किसी महापुरुष, क्रांतिकारियों, राजनेताओं और शहीदों के नाम पर रखे जाते हैं। ईश्वर के नाम पर भी आपने कई जगहों के नाम देखे होंगे लेकिन हम आपको ऐसे शहरों के नाम बता रहे हैं जिनके नाम प्राचीन काल के राक्षसों पर रखे गए हैं।
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बिहार के शहर गया का नाम ‘गयासुर’ राक्षस के नाम पर पड़ा है. मान्यताओं के मुताबिक जब असुर स्वर्ग पहुंचने लगे तो उन्हें रोकने के लिए भगवान नारायण ने ब्रह्मा जी के जरिए यज्ञ के लिए गयासुर से उसका शरीर मांग लिया। कहते हैं पूरा गया शहर इस राक्षस के पांच कोस का शरीर है।

पंजाब के शहर जालंधर का नाम ‘जलंधर’ राक्षस के नाम पर पड़ा है। प्राचीन काल में ये शहर ‘जलंधर राक्षस’ की राजधानी हुआ करता था।

मैसूर, कर्नाटक का एक ऐतिहासिक शहर है। इसका नाम ‘महिषासुर’ राक्षस के नाम पर पड़ा है। महिषासुर के समय इसे महिषा-ऊरु कहा जाता था। फिर महिषुरु और इसके बाद कन्नड़ में इसे मैसुरु कहा गया। जो अब मैसूर के नाम से जाना जाता है।

पलवल, हरियाणा का एक प्रमुख शहर है। इसका नाम ‘पलंबासुर’ राक्षस के नाम पर पड़ा है. प्राचीन काल में इस शहर को पलंबरपुर भी कहा जाता था। समय के साथ नाम बदलकर पलवल हो गया।

तमिलनाडु के शहर तिरुचिरापल्ली का नाम ‘थिरिसिरन’ राक्षस के नाम पर पड़ा है। कहा जाता है कि इसी शहर में थिरिसिरन राक्षस ने भगवान शिव की तपस्या की थी. इसी वजह से इस शहर का नाम थिरि-सिकरपुरम पड़ा, जो बाद में थिरिसिरपुरम हुआ और अब तिरुचिरापल्ली के नाम से जाना जाता है।











