Delhi : दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बदलते हालात के बीच भारत ने मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर अपना रुख साफ किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे के निमंत्रण से लेकर पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम घोषित किये जाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात तथा ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज पर हमले तक कई मुद्दों पर जानकारी दी। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत की ओर से दिए गये निमंत्रण पर जायसवाल ने बताया कि उन्हें दो अलग-अलग मौकों पर आमंत्रित किया गया था। पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिये था। इसके बाद BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये भी निमंत्रण दिया गया।
मसूद अजहर पर इनाम, पाकिस्तान को भारत की दो टूक
पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर निशाना साधा। रणधीर जायसवाल ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिये पाकिस्तान की ओर से इस तरह की कवायद और दिखावे पहले भी होते रहे हैं। आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से की जाने वाली ऐसी घोषणाएं खोखली हैं। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को केवल घोषणा करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिये। महज बयानबाजी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
मोदी-जिनपिंग की मुलाकात में भारत ने रखी अपनी बात
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक पर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। जायसवाल के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। भारत ने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिये पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक हित और पारस्परिक संवेदनशीलता के तीन सिद्धांतों पर जोर दिया।
ओमान के पास जहाज पर हमला, 13 भारतीय सुरक्षित
ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुये हमले को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पनामा के झंडे वाला था। उस पर 14 भारतीय नागरिक/नाविक सवार थे।हमले के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी लापता है। उसकी तलाश के लिये ओमानी अधिकारियों की मदद से बचाव अभियान जारी है। भारतीय दूतावास भी लगातार ओमानी अधिकारियों के संपर्क में है। भारत ने वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया है। वहीं, भारत-रूस ऊर्जा सहयोग पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग जारी है। कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना को दोनों देशों के सफल ऊर्जा सहयोग की मिसाल बताया गया। भारत रूस के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत एवं विस्तारित करना चाहता है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत और तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी है। रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका में प्रस्तावित प्रतिबंधों और भारत पर संभावित 100 प्रतिशत टैरिफ से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने अपना पुराना रुख दोहराया। रणधीर जायसवाल ने मीडिया से कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिये तेल की खरीद के स्रोतों का फैसला राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर करता है।
सऊदी अरब के साथ भी अहम बातचीत
ब्रिक्स सम्मेलन से इतर विदेश मंत्री की सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक हुई। इसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। चर्चा में हूती विद्रोहियों का मुद्दा भी शामिल रहा। भारत ने सऊदी अरब पर हालिया हमले की निंदा की और नागरिक बुनियादी ढांचे तथा आर्थिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाये जाने को गंभीर चिंता का विषय बताया। इस बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही के लिये खतरा पैदा करते हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और ऊर्जा आपूर्ति के सुरक्षित प्रवाह को जल्द बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया है।






