Kohramlive : नई दिल्ली के प्रगति मैदान में सोमवार को भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) के चौथे दिन कुछ अलग ही रौनक थी। झारखंड पवेलियन में कदम रखते ही महिला शक्ति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की जीवंत कथा का अहसास होता है। हवा में तसर की खुशबू, हाथकरघे की मधुर खड़खड़ाहट, लाख चूड़ियों की बारीक चमक और ग्रामीण मिट्टी की सौंध, सब मिलकर ऐसा दृश्य रच रहे हैं, मानो दिल्ली के बीचोंबीच छोटा सा झारखंड बस गया हो।
वाह, यही है असली झारखंड
झारखंड सरकार इस वर्ष मेले में खास तौर पर महिला कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों पर रोशनी डाल रही है।
गुमला से लेकर गढ़वा तक, पाकुड़ से लातेहार तक, हर जिले की महिलायें अपने हुनर का परचम लहरा रही हैं।
ये वही महिलायें हैं जिनके हाथों से तसर के अनुपम परिधान, प्राकृतिक रंगों से सजे वस्त्र, जैविक और हर्बल उत्पाद एवं घर सजाने वाले अद्भुत हस्तशिल्प इनकी कला सिर्फ सामान नहीं बनाती, सपनों को आकार देती है, आत्मनिर्भरता को पंख देती है। यहां महिलायें कोकून उबालकर रेशम धागा निकालने की सदियों पुरानी विधि को अपने हाथों से जीवंत कर अपना हुनर दिखाई। दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। कोई वीडियो बना रहा है, कोई सवाल पूछ रहा है और कोई बस देख रहा है, जैसे किसी लोककथा का अध्याय आंखों के सामने खुल रहा हो। इसी के पास “तम्सुम” करघे पर उसी धागे से कपड़ा बुनती दिखती हैं, धागों का ऐसा रास, दिल्ली की भीड़ में एक पल को सन्नाटा छा जाता है। यही तसर उद्योग आज हजारों आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी की रीढ़ बन चुका है, रोजगार, सम्मान और एक नई पहचान देकर।
जहां संस्कृति मुस्कुराती है
स्टॉलों पर ऐसी विविधता कि देखते ही मन भर जाये, जैसे हाथ से बुने तसर साड़ियां, पारंपरिक हस्तशिल्प, लकड़ी, बांस और मिट्टी के शिल्प, हर्बल साबुन, ऑयल, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट, खूबसूरत होम-डेकोर आइटम। ये सब झारखंड की जड़ों, जंगलों, पहाड़ों और लोक-कथाओं की जीवंत झलकियां हैं। मेले में झबर मल का लाख चूड़ी हस्तशिल्प स्टॉल आकर्षण रहा। गुजरे चार वर्षों से लगातार IITF में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले झबर मल इस बार भी नई डिजाइनों का खजाना लेकर आये हैं। दिल्ली की महिलायें उनके स्टॉल पर उमड़ रही हैं, किसी को डिजाइन भाती है, किसी को रंग, किसी को परंपरा की महक। उनके संगठन से जुड़ी करीब 400 महिलायें लाख चूड़ियां बनाती हैं, यही चूड़ियां उनके घरों में उम्मीद की रौशनी बनकर जलती हैं। IITF का यह झारखंड पैविलियन नये झारखंड के उभरते चेहरे की घोषणा है।




