अपनों से मिलना, लोगों को रंग लगाना, नए-नए पकवानों का स्वाद लेना आदि इससे इस त्योहार को एक अलग पहचान मिलती है। वैसे होली का त्योहार हर साल खुशियां लेकर आता है, लेकिन अगर आप गर्भवती हैं तो आपको थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। यानी अगर आप होली खेलती हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आप और आपका बच्चा सुरक्षित रहे और आपका त्योहार भी अच्छे से मन जाए। तो चलिए जानते हैं इन बातों के बारे में।

डांस न करें
होली का त्योहार हो और चारों और रंगों की बौछार हो, तो फिर ऐसे में नाच गाना होना तो लाजमी है। लोग इस दिन डीजे लगाकर अपनी पसंद के गानों पर डांस करते हैं। झूमते हैं, थिरकते हैं और त्योहार के पूरे मजे लेते हैं। लेकिन गर्भवती महिलाओं को डांस करने से बचना चाहिए। साथ ही जहां पर लोग डांस कर रहे हैं, उस स्थान से भी दूर रहना चाहिए क्योंकि कई बार धक्का लगने से भी कोई अनहोनी हो सकती है।

सूखी होली खेलें
होली पर कोई सूखा गुलाल लगाता है तो कोई पानी की होली खेलता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को पानी वाली होली नहीं खेलनी चाहिए, बल्कि उन्हें सिर्फ सूखे गुलाल से ही होली खेलनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप पानी की होली खेलती हैं, तो ऐसे में चारों तरफ पानी-पानी हो जाता है और फिर फिसलने का डर बना रहता है, जिससे कोई घटना घट सकती है।

हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें
होली पर कई तरह के रंग बाजार में आते हैं, जिनमें केमिकल द्वारा तैयार किए गए रंग ज्यादा होते हैं। इसलिए हमें हर्बल रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, गर्भवती महिलाओं को तो खासतौर पर केमिकल वाले रंगों से बचकर रहना चाहिए। दरअसल, गर्भवती महिलाओं की स्किन काफी सेंसटिव होती है, जिसकी वजह से ये केमिकल वाले रंग उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को हर्बल रंग से ही होली खेलनी चाहिए।
ज्यादा लोगों से मिलने से बचें
कोरोना काल होने की वजह से वैसे तो सभी लोगों को कम ही लोगों से मिलना चाहिए। लेकिन गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर इस बात का ध्यान देना चाहिए कि वो कम लोगों से मिलें। मास्क पहनकर रखें, न किसी को अपने घर बुलाएं और न ही किसी और के घर पर जाएं, जितना हो सके लोगों से दूरी बनाकर रखें और इस बीमारी से बचकर रहें।









