Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर निशाना साधते हुये कहा कि आदिवासियों का हितैषी होने का दावा करने वालों को पहले जमीन से जुड़े आरोपों और भ्रष्टाचार के सवालों का जवाब देना चाहिये। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को काट-छांटकर पेश किया जा रहा है, ताकि मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। अपनी बात रखते हुये विधायक ने आज कहा कि जनता अब केवल राजनीतिक दावों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। उसे जमीन, रोजगार और विकास से जुड़े सवालों के जवाब चाहिये। उन्होंने अपने पुराने बयान पर कायम रहते हुये संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जमीन विवाद पर घेरा, दर्जनों गांवों की जांच की मांग
सत्येंद्रनाथ तिवारी ने पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर को निशाने पर लेते हुये सींगाकला, बरदरी, शिवनाला, बंदुआ, कुस्मही, कुरुमदारी और सोहबरिया समेत कई गांवों में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग की जमीन से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि इन मामलों की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिये, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों की बात करने वाले नेताओं को जमीन से जुड़े सवालों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिये। जमीन विवाद के साथ विधायक ने बालू, कोयला और पत्थर के कथित अवैध कारोबार को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने जल जीवन मिशन में करीब 5,200 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुये उच्चस्तरीय जांच की मांग की। तिवारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता होनी चाहिये और यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिये।








