एक बेहतर जिंदगी और नए रिश्ते की शुरुआत की जा सकती है। अगर हम अतीत भूलकर आगे बढ़ जाने कि कोशिश करे तो , हालांकि, एक युवक ने रिलेशनशिप कॉलम में अपनी अनोखी परेशानी शेयर की है। युवक ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसकी गर्लफ्रेंड का एक्स ब्वॉयफ्रेंड आज भी उसे कपड़े धोने के लिए पैसे देता है और हर रोज डिनर के लिए आता है। युवक ने लिखा, अपनी आंखों के सामने ये सब देखना एक भद्दे मजाक जैसा लगता है।
अपने रिलेशनशिप की कमियों को उजागर करते हुए युवक ने कहा, ‘मेरी गर्लफ्रेंड (41) और उसका एक्स (45) करीब 10 साल तक एकसाथ थे । उनकी एक बेटी भी है, जिसकी उम्र तकरीब 9 साल है। उसके एक्स का रवैया एक जमाने में बेहद हिंसात्मक था। शायद तभी दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं।

लेकिन एक दिन अपनी बेटी को देखने के लिए उसके एक्स ने वापसी की और इस तरह एक बार फिर उस शख्स की हमारी जिंदगी में एंट्री हो गई। उसने मेरी गर्लफ्रेंड से कहा कि साथ रहते उनके बीच जो कुछ भी हुआ उसका उसे बेहद अफसोस है. उसने मदद की भी पेशकश की।

शुरुआत में वो उसका काम करने की कीमत देता रहा, लेकिन बाद में हमारे परिवार के साथ रोजाना दो-दो घंटे बिताने लगा। वो कहता है कि हम सब उसके सर्किल में हैं और मेरी गर्लफ्रेंड उससे पूछती है, ‘डिनर कैसा है?’

जवाब में उसका एक्स कहेगा, ‘मीट थोड़ा सख्त है। ये मसालों के साथ बेहतर हो सकता है। ये कैसा मजाक है। मेरी उम्र 48 साल है और मुझे महसूस होने लगा है कि हमारा रिश्ता खत्म हो गया है।

मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को समझाया कि वो हमें किसी मग की तरह इस्तेमाल कर रहा है । लेकिन वो कहती है कि ये महज मेरी जलन है। इन दिनों ब्लैंडिड फैमिली बड़ी ही साधारण सी बात है, लेकिन एक कपल होने के नाते ये व्यवस्था हमारे रिश्ते और हमारी बेटी के भविष्य के लिए अच्छी नहीं है।

रिलेशनशिप एक्सपर्ट ने इसके जवाब में कहा, आपके पार्टनर पर अभी भी उसकी पकड़ बहुत मजबूत है। उसने बड़ी चालाकी से आपके पार्टनर के दिमाग को कंट्रोल कर रखा है। अपने पार्टनर को समझाएं कि ये व्यवस्था आपके रिश्ते को दो हिस्सों में पाट रही है। इस दायरे से निकलने के बाद ही सब खुश रह सकते हैं ।
रिलेशनशिप एक्सपर्ट ने कहा कि अगर उसकी पार्टनर का एक्स अपनी बेटी से मिलना चाहता है तो कॉन्टैक्ट ऑर्डर की शर्तों के अधीन होना चाहिए। इसके अलावा, अगर वह किसी तरह की मदद चाहती है तो नेशनल डोमेस्टिक एब्यूस हेल्पलाइन की मदद भी ले सकती है।






