Giridih : किसी ने बाइक का सपना देखा था, किसी की नजर SUV पर थी। जेब में पूरे पैसे नहीं थे, लेकिन एक ऐसी स्कीम सामने आई जिसने लोगों को यकीन दिला दिया कि कम पैसे देकर महंगी गाड़ी घर लाई जा सकती है। दावा था, शोरूम की कीमत पर 40 से 80 प्रतिशत तक की छूट। लाभुक को सिर्फ 20 से 40 फीसदी रकम देनी होगी और बाकी वाहन की किस्त संगठन चुकायेगा। बस फिर क्या था, उम्मीद लेकर लोग पहुंचने लगे। कतार लगी, हजारों लोग योजना से जुड़े और शुरुआती दौर में कुछ लोगों को इसका फायदा भी मिला। लेकिन वक्त बीतने के साथ तस्वीर बदलती गई। किस्तें रुक गईं और लोगों की जमा पूंजी फंसने लगी। अब इसी मामले में राधास्वामी संगठन से जुड़े चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष, पत्नी समेत 4 गिरफ्तार
मामले में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उनकी पत्नी और संगठन की जिला प्रभारी अनिशा सिन्हा, अनिशा के भाई सुमित सिन्हा और संगठन के विजिलेंस ऑफिसर सुबोध सिंह को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी अमजद अंसारी की शिकायत के आधार पर की गई है। इसकी पुष्टि DSP आरके राणा ने की है। DSP के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया कि राधास्वामी संगठन वाहन योजना समेत कई तरह की योजनाएं चला रहा था और लोगों से रकम जमा कराई जा रही थी। बताया गया कि योजना में वाहन की कीमत पर 40 से 80 प्रतिशत तक छूट का दावा किया जाता था। लाभुक को वाहन की कीमत का महज 20 से 40 प्रतिशत भुगतान करना था। इसके बाद बाकी किस्त संगठन की ओर से चुकाने की बात कही जाती थी। इस भरोसे पर कई लोगों ने संगठन के पास पैसे जमा किये। शुरुआत में कुछ महीनों तक संगठन की ओर से किस्तों का भुगतान भी किया गया। लेकिन इसके बाद किस्तें बंद हो गईं।यहीं से लोगों के सामने उस चमकदार स्कीम की असली तस्वीर सामने आने लगी।
अभी तक करीब 10 करोड़ का खेला
पुलिस ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और रकम बढ़ सकती है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। मामले में गिरफ्तार अनिशा सिन्हा का राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में रहा है। बताया गया कि संगठन से जुड़े कई लोग बिहार के रहने वाले हैं, जबकि मुकेश और अनिशा सिन्हा गिरिडीह के निवासी हैं। अनिशा वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भी मैदान में उतरी थीं। उन्होंने जेएमएम के कद्दावर नेता और वर्तमान मंत्री सुदिव्य कुमार तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्भय शाहबादी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान उन्होंने जमकर प्रचार किया और लाखों रुपये खर्च किये।




