Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण के भगहर इलाके में बुधवार को जंगलों की खामोशी अचानक सरकारी कार्रवाई की गूंज से टूट गई। वर्षों से महुआ शराब के अवैध कारोबार के लिये चर्चित इस क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ा अभियान चलाते हुये अवैध शराब निर्माताओं पर करारा प्रहार किया। चौपारण, बरही, बरकट्ठा और सदर वन प्रक्षेत्र की संयुक्त टीम ने चौपारण पुलिस के सहयोग से भगहर के जंगलों में छापेमारी कर 20 से अधिक अवैध शराब भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध धंधे से जुड़े लोग इधर-उधर भागते नजर आये।
महुआ शराब का बड़ा जखीरा किया नष्ट
वन विभाग की टीम जब जंगलों के भीतर पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर महुआ शराब बनाने का काम चल रहा था। अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में तैयार महुआ शराब, जावा महुआ, ड्रम, डेगची और शराब निर्माण में उपयोग किए जाने वाले कई उपकरण बरामद किये। अभियान के दौरान बरामद अधिकांश सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि दोबारा उसका इस्तेमाल न हो सके। कार्रवाई के दौरान वन संपदा के दोहन का मामला भी सामने आया। टीम ने बड़ी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित लकड़ियां बरामद कीं, जिनका उपयोग शराब भट्टियों में ईंधन के रूप में किया जा रहा था। वन अधिकारियों का मानना है कि इससे जंगलों को भी लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा था। यह अभियान रेंज ऑफिसर सतेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में प्रभारी वनपाल सिंटू कुमार, वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मी शामिल रहे। वहीं चौपारण थाना के SI सुनील सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने भी सुरक्षा और कार्रवाई में सहाहनीय भूमिका निभाई। वन विभाग ने बताया कि जांच के दौरान अवैध शराब निर्माण से जुड़े 40 से 50 लोगों की पहचान की गई है। इन सभी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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