NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द, मार्च भी टला…

Date:

spot_img

Delhi : NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों के लिये मंगलवार राहत की बड़ी खबर लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली समेत पांच राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुये संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले विशेष अधिकार का इस्तेमाल किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लाभ उन मामलों में मिलेगा, जो 20 से 25 जुलाई के बीच हुये NEET प्रदर्शन से जुड़े हैं। दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल एवं बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज किये गये थे। दिल्ली पुलिस और संबंधित चार राज्य सरकारों ने भी इन मामलों को अनुच्छेद 142 के तहत समाप्त करने की मांग की थी।

जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुये कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के दौरान दिये गये भरोसे पर कायम है। उन्होंने बताया कि NEET प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जायेगा। केंद्र ने इसके लिये तीन महीने का समय मांगा है। मुआवजे की प्रक्रिया और तरीका तय करने के लिये संबंधित राज्य सरकारों तथा अन्य पक्षों से बातचीत की जायेगी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत ने कहा कि अगर दोनों पक्ष खुले मन से बातचीत करें तो मुश्किल से मुश्किल समस्या का भी समाधान निकाला जा सकता है। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं।

2873 लोगों पर फिर दर्ज हो सकती है FIR

छात्रों को मिली राहत के बीच मामले में एक अहम पेंच भी सामने आया है। केंद्र को 2873 ऐसे लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की अनुमति दी गई है, जिनके बारे में आपराधिक इतिहास होने की बात सरकार की ओर से कही गई है। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि इन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हरिहरन ने इन 2873 लोगों की सूची मांगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन लोगों के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आगे कार्रवाई की जानी है।

5 सितंबर का मार्च भी वापस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख के बाद CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का फैसला किया है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने अदालत को बताया कि केंद्र की ओर से मिले भरोसे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुये मार्च वापस लिया जा रहा है। अदालत ने सौरव दास के बयान को रिकॉर्ड पर लिया।

इसे भी पढ़ें :

बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत, खाते में पहुंचे ₹7 हजार…

Bihar : बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के...

विश्व कप फाइनल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बने धीरज…

Kohramlive : निशाना सिर्फ 10 पर था, लेकिन दांव इतिहास...

HEC बाईपास रोड पर जमकर हंगामा, भारी फोर्स तैनात…

Ranchi : राजधानी रांची में HEC बाईपास रोड पर...

अंबानी के आंगन में सजा गणपति का दरबार, सितारों से जगमग हुई शाम…

Kohramlive : गणपति बप्पा की भक्ति और बॉलीवुड सितारों...

बच्चों को अच्छी सीख देनी है तो पहले खुद बदलें ये 5 आदतें…

Kohramlive : बच्चे की पहली पाठशाला घर होता है...

Advertisement

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत, खाते में पहुंचे ₹7 हजार…

Bihar : बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के...

विश्व कप फाइनल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बने धीरज…

Kohramlive : निशाना सिर्फ 10 पर था, लेकिन दांव इतिहास...

HEC बाईपास रोड पर जमकर हंगामा, भारी फोर्स तैनात…

Ranchi : राजधानी रांची में HEC बाईपास रोड पर...

अंबानी के आंगन में सजा गणपति का दरबार, सितारों से जगमग हुई शाम…

Kohramlive : गणपति बप्पा की भक्ति और बॉलीवुड सितारों...

बच्चों को अच्छी सीख देनी है तो पहले खुद बदलें ये 5 आदतें…

Kohramlive : बच्चे की पहली पाठशाला घर होता है...