श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में जैश का टॉप कमांडर सज्जाद अफगानी मारा गया है। सज्जाद अफगानी का असली नाम विलायत है। एक और आतंकी मकान से निकाल कर भागने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि आतंकी जवाबी कार्रवाई में मारा गया। आतंकी की पहचान बाद में जहांगीर के तौर पर हुई। इस कामयाबी के बीच एक हैरानी वाली बात ये है कि अभी भी घाटी में जैश और लश्कर के आतंकी मौजूद हैं। फिलहाल सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है।
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जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षाबलों को बधाई दी और उनका जज्बा बढ़ाया है।
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सज्जाद के बारे में जानकारी आयी सामने
सज्जाद के बारे में जो जानकारी सामने आयी है, उसके मुताबिक वो स्थानीय नागरिक हैं और कई सालों से सक्रिय थे। साल 2008 में पहली बार उसका नाम सामने आया था। इसके बाद साल 2015 में उसका नाम प्रमुखता से सामने आया और सक्रिय आतंकवाद की घटनाओं में शामिल रहा। शुरुआत में लश्कर के साथ रहा लेकिन फिर बाद में जैश ए मोहम्मद के साथ जुड़ गया। माना जा रहा है कि सज्जाद का संपर्क दोनों आतंकी संगठन के टॉप कमांडर के साथ था। घाटी में इस तरह दोनों आतंकी संगठनों की मौजूदगी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए मीटिंग करने वाले थे।
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