Ranchi : शंख की गूंज होगी, मंदिरों में घंटियां बजेंगी और आधी रात को जैसे ही कान्हा जन्म लेंगे, पूरा झारखंड ‘नंद के घर आनंद भयो’ से गूंज उठेगा। लेकिन इस बार कृष्ण जन्माष्टमी की भक्ति और उल्लास के बीच सुरक्षा का पहरा भी उतना ही मजबूत रहेगा। 4 सितंबर को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। मंदिरों में देर रात तक पूजा, श्रद्धालुओं की भीड़, दही-हांडी, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखते हुये पुलिस को पहले से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने को कहा गया है। स्पेशल ब्रांच के IG की ओर से सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर जन्माष्टमी के दौरान संभावित विधि-व्यवस्था की चुनौतियों को लेकर पहले से पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस को अपने-अपने जिले में ऐसे सभी मंदिरों और आयोजन स्थलों की पहचान करने को कहा गया है, जहां जन्माष्टमी पूजा, दही-हांडी प्रतियोगिता, मेला या सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। वहीं, आयोजकों, संभावित भीड़ और संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाकर उसी के अनुरूप सुरक्षा इंतजाम करने को कहा गया है। पिछले पांच वर्षों यानी 2021 से 2025 के दौरान जन्माष्टमी पर हुई ऐसी घटनाओं की भी समीक्षा करने का निर्देश है, जिनसे विधि-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी थी। जन्माष्टमी का सबसे खास पल आधी रात आता है। इसी समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों की ओर पहुंचते हैं। महिलाओं और युवतियों समेत श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुये पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं। जिन रास्तों और स्थानों पर छेड़खानी या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका अधिक रहती है, वहां विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
सोशल मीडिया से लेकर अफवाहों तक नजर
आज के दौर में अफवाह हवा से भी तेज दौड़ती है। पुलिस ने इसे देखते हुये WhatsApp, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। ऐसे ग्रुप और अकाउंट को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है, जहां किसी धर्म, समुदाय या जाति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी अथवा नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित की जाती हो। पुलिस को ऐसे मामलों में ग्रुप या अकाउंट की पहचान, मोबाइल नंबर समेत जरूरी जानकारी जुटाकर समय रहते कार्रवाई करने को कहा गया है।
दही-हांडी में मस्ती भी, मगर सावधानी भी
कान्हा का नाम हो और दही-हांडी न हो, ऐसा कैसे हो सकता है! लेकिन इस बार पुलिस ने दही-हांडी आयोजकों को सावधानी बरतने का साफ संदेश दिया है। कमजोर या कम ऊंचाई वाले भवनों तथा बिजली के तारों के आसपास दही-हांडी कार्यक्रम नहीं कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पहले से जांचने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि उत्सव के बीच कोई अनहोनी न हो। विशेष शाखा ने अचानक अफवाह फैलने से पैदा होने वाली स्थिति, खासकर भगदड़ जैसी घटनाओं, से निपटने के लिये पहले से प्रभावी व्यवस्था तैयार रखने को कहा है। अगर कोई अफवाह फैलती है तो उसके स्रोत की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने और स्थिति को जल्द सामान्य करने पर जोर दिया गया है। वहीं, पर्व के दौरान अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ अड्डों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की आवश्यकता भी बताई गई है। जन्माष्टमी को लेकर बजने वाले DJ व लाउडस्पीकर पर भी पुलिस की नजर रहेगी। उत्तेजक गानों, भड़काऊ नारों और आपत्तिजनक गतिविधियों पर नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं।




