spot_img

नेमरा में छलक पड़ा CM हेमंत सोरेन का दर्द, बोले…

Date:

spot_img
spot_img

Ramgarh (Nemra) : बारिश की फुहारों के बीच मंगलवार को नेमरा की धरती एक बार फिर इतिहास, संघर्ष और भावनाओं की साक्षी बनी। यह  उस जननायक को याद करने का अवसर था, जिसने अलग झारखंड के सपने को जन-आंदोलन बनाकर साकार किया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर रामगढ़ जिले के नेमरा (लुकैयाटांड़) स्थित सोना-सोबरन प्लस-टू उच्च विद्यालय परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन, उनकी माता रूपी सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

‘आज केवल मेरा नहीं, पूरे झारखंड का दर्द बोल रहा है’

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक होते हुये कहा कि यह दिन केवल उनके परिवार के लिये नहीं, बल्कि पूरे झारखंड, देश के आदिवासी, दलित, पिछड़े और शोषित समाज के लिये बेहद भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इसी दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन हुये थे, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य यही है कि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास, अपने संघर्ष और अपनी जड़ों को कभी न भूलें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु जैसे महानायकों ने अपने संघर्ष से झारखंड को पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि वीरों की इस धरती के लोगों का कर्तव्य है कि वे अपने इतिहास को याद रखें और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें।

‘अलग झारखंड का सपना गुरुजी ने सच किया’

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपने पूरे जीवन को जल, जंगल और जमीन की लड़ाई तथा अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरुजी राजनीति की सीमाओं से कहीं ऊपर उठ चुके थे। वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की उम्मीद, पहचान और संघर्ष का प्रतीक बन चुके थे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समाज में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ ताकतें समाज को बांटने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे समय में समाज की सबसे बड़ी ताकत आपसी सम्मान, भाईचारा और एकजुटता है। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों के संघर्ष से प्रेरणा लें और सही दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें।

 शहीद सोबरन मांझी को भी किया याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दादा, अमर शहीद सोबरन मांझी को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि समाज और शिक्षा के लिये उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है। उनके संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

नेमरा को मिली 105.2 करोड़ रुपये की सौगात

दिशोम गुरु की प्रतिमा के अनावरण के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेमरा और आसपास के क्षेत्र के विकास के लिये 105.2 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं की सौगात भी दी। कार्यक्रम के दौरान विकास मेला और पारितोषिक वितरण समारोह का भी आयोजन किया गया।

इसे भी पढ़ें :

मां जेल में है तो क्या हुआ, बच्चे का बचपन कैद नहीं होगा… जानें कैसे

Ranchi : अपराध की दुनिया से किसी बच्चे का...

बार-बार समन पर कोर्ट नहीं पहुंचीं महुआ की गिरफ्तारी का वारंट…

West Bengal : पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से...

अनशन खत्म, छात्रों ने निकाली ‘आभार यात्रा’… देखें वीडियो

Ranchi : रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में...

एक बीयर की बोतल पर बवाल, फिर टां’गी-स’ब्बल से मा’र डाला…

Giridih : एक बोतल बीयर के पैसे को लेकर...

Advertisement

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

मां जेल में है तो क्या हुआ, बच्चे का बचपन कैद नहीं होगा… जानें कैसे

Ranchi : अपराध की दुनिया से किसी बच्चे का...

बार-बार समन पर कोर्ट नहीं पहुंचीं महुआ की गिरफ्तारी का वारंट…

West Bengal : पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से...

अनशन खत्म, छात्रों ने निकाली ‘आभार यात्रा’… देखें वीडियो

Ranchi : रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में...

एक बीयर की बोतल पर बवाल, फिर टां’गी-स’ब्बल से मा’र डाला…

Giridih : एक बोतल बीयर के पैसे को लेकर...