‘नुमाइश’ को अब्दुल्ला हैरिस ने डायरेक्ट किया है जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह बाल विवाह होने बाद लड़की ‘पति का वजन’ और दहेज का सामान अपने हाथ से खींचते हुए दर्द से कराह रही है।

एक लड़की जिसकी अभी शादी की उम्र नहीं हुई है, उसका विवाह परिवार वालों ने कर दिया है। अब लड़की शादी की ड्रेस में, मेकअप और ज्वेलरी से सजी हुई है और दहेज के सामान और पति के वजन से लदी गाड़ी को थोड़ी दूर खींचने के बाद वह दर्द से कराह उठती है। यह कहानी काल्पनिक है, लेकिन इस पर जोर-शोर से बहस हो रही है ।

यूनाइटेड नेशंस वुमेन पाकिस्तान के साथ पार्टनरशिप में डिजाइनर अली जीशान ने ‘नुमाइश’ नाम से इस कहानी को पेश किया है। अली जीशान थिएटर स्टूडियो ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें फैशन शो के हिस्से को देखा जा सकता है।

अली जीशान थिएटर स्टूडियो ने ‘नुमाइश’ के वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है कि दहेज की समस्या की वजह से परिवार वाले लड़की को पढ़ाने की जगह दहेज के पैसे जमा जबकि लड़की की शिक्षा दहेज से अधिक जरूरी चीज है। अब समय आ गया है कि बोझ डालने वाली इस परंपरा को खत्म किया जाए।

असल में पाकिस्तान के डिजाइनर अली जीशान ने दहेज के मुद्दे पर लोगों का ध्यान खींचने के लिए एक फैशन शो में मॉडल के जरिए इस कहानी को दिखाया है। UN Women की ओर से दहेज के खिलाफ ‘दहेज खोरी बंद करो’ कैंपेन चलाया जा रहा है और ‘नुमाइश’ इसी कैंपेन का हिस्सा है । इससे पहले दहेज के खिलाफ कैंपेन में पाकिस्तानी सेलिब्रेटी को भी शामिल किया गया था।








