‘झारखंड के छात्रों के अधिकार से हुआ खिलवाड़’
मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी नौकरियों पर झारखंड के युवाओं का अधिकार होना चाहिये था, उनमें बाहरी छात्रों को मौका दिया गया। उन्होंने खोरठा और नागपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं का उदाहरण देते हुये आरोप लगाया कि इन भाषाओं की परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनके बारे में पार्टी का दावा है कि वे इन भाषाओं को जानते तक नहीं हैं। आदित्य साहू ने कहा कि स्थानीय छात्र सफल नहीं हो पाए, जबकि दूसरे लोगों का चयन हुआ। उनके मुताबिक, इससे परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन किया था। उनका दावा है कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने न तो किसी नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और न ही किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बावजूद छात्रों पर मुकदमे दर्ज किये गये। भाजपा का आरोप है कि छात्रों को डराने और दबाव में रखने के लिये मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है।
CP सिंह बोले, अभी तो शुरुआत है
रांची विधायक सीपी सिंह ने प्रदर्शन को आंदोलन की शुरुआत बताते हुये कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिये गये तो इससे बड़ा आंदोलन किया जायेगा। भाजपा लंबे समय से JSSC-CGL मामले की CBI जांच की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि CID जांच के जरिये सरकार के कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। भाजपा का कहना है कि CBI जांच से मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
चार दिन चलेगा आंदोलन, आगे क्या?
रांची से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राज्य के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि छात्रों के मुद्दे पर वह पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी का कहना है कि जब तक छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने और JSSC-CGL मामले की CBI जांच की मांग पर ठोस कदम नहीं उठता, आंदोलन जारी रहेगा।






