Ranchi : सोशल मीडिया पर हुई एक दोस्ती कब इतनी उलझ गई कि मामला धमकी, कथित जबरन शादी और कानून की चौखट तक पहुंच गया, यह कहानी चौंकाने वाली है। 17 साल के छात्र ने पलामू बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष दिये अपने बयान में 20 साल की युवती, उसकी मां और मामा समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाये हैं। छात्र का कहना है कि उसे दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर शादी के लिये मजबूर किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुये CWC ने बुंडू थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। छात्र राजस्थान के उदयपुर स्थित एक पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई पहचान, फिर बदल गई कहानी
छात्र के अनुसार, उसकी पहचान युवती से इंस्टाग्राम के जरिये हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में मामला इतना आगे बढ़ गया कि छात्र के अनुसार वह युवती और उसके परिजनों के संपर्क में आ गया। छात्र का आरोप है कि 22 जून को युवती, उसकी मां और मामा ने उसे डालटनगंज में उतरने नहीं दिया और अपने साथ रांची ले गये। इसके बाद ट्रेन से उसे केरल ले जाया गया। कुछ दिनों बाद सभी वापस रांची लौटे। छात्र ने CWC को दिये बयान में आरोप लगाया कि 11 जुलाई को बुंडू स्थित सूर्य मंदिर में युवती की मां, मामा और अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और दबाव बनाकर युवती से उसकी शादी करा दी। इसके बाद दोनों को एक होटल में ठहराये जाने का भी आरोप है। 13 जुलाई को परिजन दोनों को पंडवा थाना लेकर पहुंचे। चूंकि छात्र नाबालिग था, इसलिए पुलिस ने उसे CWC के समक्ष प्रस्तुत किया।
बालगृह में रखा गया, पढ़ाई पूरी करने की जताई इच्छा
काउंसलिंग के बाद समिति के आदेश पर छात्र को कुछ दिनों के लिये वात्सल्यधाम बालगृह, डालटनगंज में रखा गया। CWC के समक्ष छात्र ने अपनी पढ़ाई पूरी करने और घर वापस लौटने की इच्छा जताई। इसके बाद उसे स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया। CWC ने 3 अगस्त 2026 को जारी आदेश में छात्र को किशोर न्याय अधिनियम की धारा 2(14) के तहत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाला बच्चा (CNCP) माना। समिति ने छात्र के बयान में सामने आये तथ्यों के आधार पर POCSO अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, BNS और किशोर न्याय अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। वहीं, जांच को बाल हितैषी तरीके से कराने के लिये बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO) या विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) के नामित पदाधिकारी को जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया गया। समिति ने प्राथमिकी की प्रति, अनुपालन रिपोर्ट और जांच की प्रगति रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को भी कहा। बुंडू पुलिस के अनुसार, CWC के पत्र के आधार पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, BNS और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों को नोटिस जारी करेगी। इसके अलावा पुलिस की एक टीम राजस्थान जाकर मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। फिलहाल मामले में छात्र की ओर से लगाये गये आरोपों की जांच जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान, संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी।






