मानव शरीर एक तरह का मशीन है। शरीर की रचना कुछ इस तरह की होती है कि हम पृथ्वी के बदलते माहौल के मुताबिक खुद को ढाल लेते हैं। आज आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताते हैं जो हमारे शरीर में पाई जाती हैं लेकिन आपको विश्वास नहीं होगा…

शराब
इथेनॉल प्राकृतिक रूप में पाया जाने वाला अल्कोहल है। मानव शरीर में मुंह और आंत के अंदर कुछ ऐसे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो इथेनॉल तैयार कर सकते हैं। बैक्टीरिया और यीस्ट हमारे शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स जैसे शुगर फर्मेन्टेशन करते हैं। इस प्रक्रिया में थोड़ी मात्रा में इथेनॉल तैयार होता है जो रक्त की धारा में शामिल हो जाता है।

सोना
सोना, चांदी, प्लैटिनम और यूरेनियम के बारे में कहा जाता है कि अरबों साल पहले दो न्यूट्रॉन तार के आपस में टकराने से इसकी उत्पत्ति हुई थी। यह बात तब की है जब पृथ्वी का अस्तित्व नहीं था। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि हर इंसान के अंदर सोना, चांदी, प्लैटिनम और यूरेनियम की मात्रा थोड़ी बहुत जरूर पाई जाती है। यह दावा कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता सजाबालॉक्स मारका और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के इमरे बारतोस ने किया है। इस दावे में ऐसा कहा गया है कि इन तारों की टक्कर पृथ्वी से 1000 प्रकाश वर्ष दूर हुई थी. दो न्यूट्रॉन तार की टक्कर से भयानक आग की लपटें उठी थीं और उन लपटों के 0.3 फीसदी हिस्से से पृथ्वी पर कई तरह की अनमोल धातुओं का निर्माण हुआ था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता सजाबालॉक्स मारका और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के इमरे बारतोस का यह शोध पत्रिका नेचर में प्रकाशित हुआ था।

सायनाइड
सायनाइड इंसान के लिए जानलेवा है। वैसे सायनाइड की थोड़ी मात्रा तो हमारे शरीर में हवा और खाना के माध्यम से पहुंचती रहती है। लेकिन हमारे शरीर में भी सायनाइड तैयार होता है। उदाहरण के लिए लार की रासायनिक प्रक्रियाओं से हमारे गले में सायनाइड गैस बनती हैं जिसे सांस द्वारा बाहर छोड़ा जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, हमारे शरीर में किसी भी समय हमारे टिशू के हर 100 ग्राम में 50 माइक्रोग्राम सायनाइड होता है। लेकिन यह हमारे शरीर में जमा नहीं हो पाता है। लिवर में इसकी प्रोसेसिंग होती है और पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है।

रेडियोधर्मी तत्व
रेडियोधर्मी एक भारी धातु है जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में किया जाता है।यह हमारे शरीर में पाया जाता है। यह एक भारी धातु है जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में किया जाता है। इसी तरह से हमारे शरीर में यूरेनियम भी पाया जाता है। ये खाने और पानी के साथ हमारे शरीर में पहुंचते हैं।

नशीली सामग्री
भांग में जिस तरह केमिकल्स पाया जाता है, उसी तरह का एक केमिकल endocannabinoids हमारे शरीर में तैयार होता है। dimethyltryptamine या डीएमटी भी इसी तरह का ड्रग्स है जो जानलेवा भी है। इस बात के प्रूफ कि हमारा शरीर डीएमटी भी तैयार करता है।






