Kohramlive : सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में हुये भीषण सड़क हादसा में हैदराबाद के एक ही परिवार के 18 लोग काल के गाल में समा गये। इसमें 10 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हैदराबाद के विद्यानगर के 65 साल के नसीरुद्दीन अपने पूरे कुनबे के साथ उमराह के लिये निकले थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मदीना से 25 किलोमीटर पहले बस एक डीजल टैंकर से टकरा गई। बस में आग लगी और पलक झपकते ही सबकुछ खाक हो गया। 46 लोग बस में थे, 45 भारतीय लोग मौके पर ही जलकर मर गये। एकमात्र जीवित बचे अब्दुल शोएब अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक मृतक मल्लेपल्ली, बाजारघाट, आसिफनगर समेत कई इलाकों से थे। तेलंगाना सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले राज्य के लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं, सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन, AIMIM के एक विधायक और अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी को लेकर एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल मदीना भेजा जा रहा है। परंपरा और परिवारों की इच्छा को देखते हुये निर्णय लिया गया कि शवों का अंतिम संस्कार सऊदी अरब में ही किया जायेगा। इसके लिये प्रत्येक पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को भी वहां भेजा जायेगा। इस बीच तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख महेश कुमार गौड़ नसीरुद्दीन के घर पहुंचे। उन्होंने गहरा दुख जताते हुये पीड़ितों को ढांढस बंधाया। AIMIM के MLC रहमत बेग ने भी परिजनों से मुलाकात की। वहीं BRS ने भी अपने अल्पसंख्यक नेताओं का दल सऊदी भेजने की घोषणा की है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने वरिष्ठ नेताओं से बात कर इन्हें सऊदी रवाना होने के निर्देश दिये हैं।




